बिहार में समूह लोन जानलेवा साबित हो रहा है, सरकार महिलाओं का लोन माफ करें -विधायक प्रतिनिधि बिभा देवी

0 minutes, 3 seconds Read
Spread the love

बिहार में समूह लोन जानलेवा साबित हो रहा है, सरकार महिलाओं का लोन माफ करें -विधायक प्रतिनिधि बिभा देवी

समस्तीपुर। समूह लोन बिहार में जानलेवा साबित हो रहा है। बिहार की गरीब महिलाएं घर-परिवार चलाने के लिए समूह से लोन ले लेती हैं, लेकिन आमदनी के आभाव के कारण अधिकांश महिलायें समय पर समूह का न कर्ज चुका पाती है और न ही ब्याज भर पाती हैं। फलत: महिलाओं पर कर्ज बढ़ता ही चला जाता है। समूह कर्मी के द्वारा महिलाओं को घर पर आकर लोन के पैसा के लिए अपमानित करते हैं, घर में ताले लगा देने की, व घर से उठाकर ले जाने की धमकी, जेल भेज देने की धमकी तक दिया जाता है। वहीं समूह कर्मी के द्वारा महिलाओं के पति को भी प्रताड़ना झेलना पड़ता है और अंततः किंकर्तव्यविमूढ़ होकर कर्जदार महिलाएं आत्महत्या करने को विवश हो रही है। कर्जदार महिला द्वारा ट्रेन से कटकर जान देने की, आत्महत्या करने जैसी घटने वाले अनेकानेक घटना मामला समूह के कर्जदार से जुड़ी रहती है। उक्त बातें हसनपुर विधानसभा के वरिष्ठ राजद नेत्री व विधायक प्रतिनिधि सह बिथान प्रखंड के पूर्व प्रखंड प्रमुख बिभा देवी ने संवाददाताओं से एक अनौपचारिक भेंट के दौरान कही। उन्होंने लगातार दलित – गरीबों के गांव- टोले में बैठक से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि समूह कर्मियों के द्वारा महिलाओं को लोन के प्रति प्रेरित कर लोन उठवा देते हैं। लोन से प्राप्त राशि आवश्यक एवं अनावश्यक कार्य जैसे मोबाइल, दो चक्का वाहन, कपड़े, बच्चों के पढ़ाई लिखाई, बढ़ती महंगाई आदि में खर्च हो जाता है। इधर समूह लोन का ब्याज दर ब्याज बढ़ता ही चला जाता है, काम या फिर आमदनी के आभाव में न तो कर्जदार महिलाएँ को समय पर न ही ब्याज चुकाना संभव होता और न ही मुलधन। जिससे समूह कर्मी लगातार कर्जदार महिला को हरेक तरह से प्रताड़ित किया करते हैं। कई जगह तो कर्जदार महिला को गहने, जमीन तक बेचना पड़ता है। शायद ही समस्तीपुर जिला के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र का कोई पंचायत का गाँव हो जहां दो-चार परिवार कर्ज के डर से गांव छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन कर कमाने के लिए भागा हुआ न हो। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं फाइनेंस कर्मी या फिर उनके बाउंसर का प्रताड़ना मसलन घर पर चढ़कर मारने-पीटने की धमकी देना, पुलिस बुलाना, जेल भेज देना, घर में ताला लगा देना आदि झेल नहीं पाती है और किंकर्तव्यविमूढ़ होकर आत्महत्या जैसे घातक कदम उठा लेती है, जो उचित नहीं है। राजद नेत्री बिभा देवी ने सरकार से समूह लोन लेने वाली ऐसी महिलाओं को चिन्हित करने की मांग करते हुए कहा कि जो महिलाएँ समूह लोन चुकाने में सक्षम नहीं है उस महिलाओं का लोन को माफ किया जाय। उन्होंने महिलाओं के लिए काम की व्यवस्था करने, मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना का 2-2 लाख रूपये सहयोग देने, ग्रामीण महिलाओं को मनरेगा में कामl एवं 6 सौ रुपए मजदूरी देने, अन्य राज्यों की भांति बिहार में भी 2 सौ यूनिट बिजली फ्री देने, 5 सौ रूपए में रसोई गैस सिलेंडर देने, महिलाओं के खाते में प्रति महीना 3-3 हजार रूपए देने, राशन में चावल-गेहूं के साथ-साथ चीनी, तेल, चना, दाल आदि देने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 3 हजार रूपए महीना देने जैसे कल्याणकारी योजना के जरिए कर्जदार महिलाओं की सहायता में सरकार को आगे बढ़कर कर्जदार महिलाएं को मदद कर कर्ज की जाल से मुक्ति दिलाने की मांग की! परशुराम कुमार की रिपोर्ट

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *