हसनपुर विधानसभा में एनडीए खेमे में उम्मीदवारी को लेकर चल रहा है धमासान..तो जनता भी सीसे में बंद रहने वाले नेता जी को सबक सिखाने के तैयारी में हैं

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हसनपुर विधानसभा में एनडीए खेमे में उम्मीदवारी को लेकर चल रहा है धमासान..तो जनता भी सीसे में बंद रहने वाले नेता जी को सबक सिखाने के तैयारी में हैं

समस्तीपुर। 140 हसनपुर विधानसभा में आगामी 2025 का चुनाव काफी दिलचस्प होगा। एनडीए खेमे से हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से सात बार के विधायक रह चुके बिहार सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री सह पूर्व विधानसभा के उपाध्यक्ष गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु की पुत्रवधू जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष मीनाक्षी हिमांशु आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है। सूत्रों की माने तो हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के असंतोष को समाप्त करने तथा युवा पीढ़ी के लिए वरिष्ठ जदयू नेत्री मीनाक्षी हिमांशु को अन्य नेताओं के अनुपात शीर्ष नेतृत्व हसनपुर विधानसभा में काट के रूप में देख रहे हैं। हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में एनडीए संगठन गुटबाजी में फंसी हुई है। क्योंकि हसनपुर विधानसभा से आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के भाजपा नेता हसनपुर मांगे कमल निशान का नारा बुलंद कर रहे हैं तो लोजपा को लेकर चर्चा है कि लोजपा (रा) अपने दल के उम्मीदवारी का मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में एनडीए गठबंधन गुटबाजी में फंसी दिखाई दे रहा है। तो वहीं हसनपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता इस बार के चुनाव में सीसा में बंद रहने वाले नेता जी को सबक सिखाने के जुगाड़ में लग गए हैं। क्योंकि जनता सीसा में बंद रहने वाले नेता जी से काफी नराज चल रहे हैं। वहीं प्रखंड बीस सूत्री के गठन ने भी एनडीए गठबंधन में असंतोष बढ़ा दिया है। चुनावी विश्लेषकों की माने तो पूर्व मंत्री गजेन्द्र प्रसाद हिमांशु के नाम पर एनडीए गठबंधन का वोट बैंक एकत्रित तो होगा ही वहीं महागठबंधन के वोट बैंक में सेंधमारी से इंकार नहीं किया जा सकता है, जिससे एनडीए के अन्य नेताओं में उम्मीदवारी को लेकर असंतोष दिखाई देने लगा है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव के पुत्र राजद के तेजप्रताप यादव ने जदयू विधायक राजकुमार राय को 21 हजार 139 मतों के भारी अन्तर से पटकनी दिया था। जिस कारण आगामी 2025 के विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक राजकुमार राय को जदयू से चुनाव लड़ना संदिग्ध लग रहा है। ऐसे में राजकुमार राय के नाराज़ धड़ा को मीनाक्षी हिमांशु के रूप में एक नई आशा दिखाई दे रहा है। मालुम हो कि महागठबंधन नेतृत्व ने 2020 के विधानसभा चुनाव में हसनपुर विधानसभा में स्थानीय उम्मीदवार का टिकट काटकर तेजप्रताप यादव को राजद का उम्मीदवार बनाया, जिसपर तेजप्रताप यादव ने खड़ा उतरते हुए 2020 के विधानसभा चुनाव में दो बार के जदयू से विधायक रहे राजकुमार राय को भारी अन्तर से पराजित कर 140 हसनपुर विधानसभा की सीट महागठबंधन के राजद की झोली में डाल दिया। अब देखना है कि 2025 के चुनाव में एनडीए के शीर्ष नेतृत्व किन पर भरोसा कर हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से किन्हें दमदार उम्मीदवार बनाते हैं जो महागठबंधन से सीट छिनकर एनडीए के झोली में डाल सकें, जो अभी समय के गर्भ में है।

परशुराम कुमार की रिपोर्ट

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