*लोकेशन। ग्राम पंचायत बर्ती .तहसील क्षेत्र रामपुर बाघेलान जिला सतना मध्यप्रदेश*
*न्यू समाचार न्यूज इलेक्ट्रॉनिक चैनल के सतना जिला ब्यूरो चीफ पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी की खास रिपोर्ट*
बर्ती समिति प्रबंधक पुष्पराज अग्निहोत्री.ने कहा है कि।विरोधियों के द्वारा उनके ऊपर मनगढ़ंत .झूठे .निराधार आरोप लगाए जा रहे है।
*सतना। न्यू समाचार।*
*जिले की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति वर्ती समिति प्रबंधक पुष्पराज अग्निहोत्री.ने एक विज्ञप्ति जारी कर उनके ऊपर विरोधियो के द्वारा लगाए गए झूठे- मनगढ़ंत. निराधार आरोपो का खंडन करते हुए कहा है। कि विरोधियों के द्वारा शुरू से ही मेरे ऊपर जालसाजी खड़यंत्र कर रहे है। जबकि मैं बेदाग हूं ।और विरोधियों के द्वारा मेरे मान. सम्मान प्रतिष्ठा. मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि मैं रवि उपार्जन. धान उपार्जन और गेहूं उपार्जन में करीबन लगभग 40 करोड़ की खरीदी प्रत्येक साल किसानों की करता हूं। और समय पर उन्हें उनकी उपार्जन का भुगतान दिलाता हूं ।किसानों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती है। समय पर उन्हें खाद’ बीज उपलब्ध कराता हूं। फिर भी विरोधियों के द्वारा आए दिन झूठे दुनियाभर के मनगढ़ंत निराधार आरोप लगा करके मुझे मानसिक शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। समाज मे मेरी छवि धूमिल की जा रही है। मेरे चरित्र और मेरी छवि को धूमिल करने वाले विरोधियों को मैं माननीय न्यायालय के शरण में जा रहा हूं। और विरोधियों के खिलाफ माननीय न्यायालय में परिवारवाद दायर कर न्याय की गुहार लगाऊंगा और विरोधी लोग जो भी आरोप मेरे ऊपर लगा रहे हैं उसको साबित करके दिखाएं झूठे मनगढ़ंत. निराधार आरोप लगा करके समाज में मेरी प्रतिष्ठा की छवि धूमिल कर रहे हैं। विरोधियों के द्वारा मेरे ऊपर मेरी छवि को धूमिल करने का सच माननीय न्यायालय जिला प्रशासन के द्वारा मुझे बेदाग बरी कर वह सच भी सबके सामने आ गया है । मेरे ऊपर लगाए गए आरोपों का सच आखिरकार सामने आ गया है। बीते दिनों समित प्रबंधक पुष्पराज अग्निहोत्री पर खाद की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। इन आरोपों के चलते न केवल समिति के कार्यों पर सवाल उठे, बल्कि समिति प्रबंधक को निलंबन की कार्यवाही का भी सामना करना पड़ा था।*
*हालांकि, बाद मे मामले की निष्पक्षता पूर्वक गहन जांच के बाद सच्चाई पूरी तरह साफ हो गई। जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन तथा प्रबंधक के विस्तृत बयान के आधार पर आरोपों को निराधार और असत्य पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खाद वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी का कोई सबूत नहीं मिला है।*
*रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त, सहकारी संस्थाएं संभाग ने समिति के प्रशासक को आदेश जारी करते हुए समिति प्रबंधक का निलंबन बहाल कर दिया है।*
*गौरतलब है कि प्रबंधक के ऊपर लगे आरोपों के चलते समिति के सामान्य कार्य प्रभावित हुए थे और किसानों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब जांच प्रतिवेदन के बाद यह भ्रम दूर हो गया है और समिति का कार्य पुनः सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।*
*इस प्रकरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिना ठोस प्रमाण के लगाए गए आरोप केवल छवि धूमिल करने का साधन बन जाते हैं। साथ ही, प्रशासनिक स्तर पर की गई निष्पक्ष जांच ने सच को सामने लाकर प्रबंधक को न्याय दिलाया।*
