जैकब बेथल ने अपनी शतकीय पारी की बदौलत इंग्लैंड को जीत के काफी करीब पहुंचा दिया था। हालांकि आखिरी ओवर की पहली गेंद पर रन आउट होते ही भारतीय फैंस ने राहत की सांस ली होगी। जैकब सेमीफाइनल में 48
इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथल ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में शतकीय पारी खेलकर भारतीय फैंस की धड़कनें तेज कर दी। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट खोकर 253 रन बनाए। भारत ने टी20 विश्व कप के इतिहास में नॉकआउट मुकाबले में इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ा टारगेट रखा था और ज्यादातर लोगों को उम्मीद थी कि भारत आराम से ये मुकाबला जीत जाएगा। हालांकि इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथल ने अपने करियर की सबसे शानदार पारी खेलते हुए भारतीय खिलाड़ियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थी।
254 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने पावरप्ले में ही दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद 5वें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरे जैकब बेथल ने पारी को संभाला और आखिरी ओवर में रन आउट होकर पवेलियन लौटे। जैकब बेथल ने आते ही दूसरी गेंद पर बुमराह को छक्का जड़ा था और अपने इरादे से साफ कर दिए थे। जैकब बेथल ने सिर्फ 19 गेंद में अर्धशतक जड़ दिया था और फिर अपनी पारी की 45वीं गेंद पर शतक जड़ दिया था। 19वें ओवर में बेथल ने 100 रन पूरे किए। उन्होंने हार्दिक पांड्या की गेंद पर छक्का लगाकर शतक पूरा किया। हालांकि आखिरी ओवर की पहली गेंद पर दो रन चुराने के प्रयास में जैकब बेथल रन आउट हो गए। बेथल अगर अंत तक टिके रहते तो शायद परिणाम कुछ और होता।
जैकब बेथल ने 48 गेंद में 105 रनों की दमदार पारी खेली। उन्होंने पारी में 8 चौके और सात छक्के लगाए। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने बेथेल की जमकर सराहना की जिन्होंने इंग्लैंड को लगभग अविश्वसनीय जीत दिला दी थी। ब्रूक ने कहा, ”बेथेल बिल्कुल अविश्वसनीय था, वह बहुत पैसे कमाएगा। पहली गेंद से ही उसने रन बनाकर दुनिया को दिखाया कि वह क्या कर सकता है। हमारा टूर्नामेंट अच्छा रहा और हमें इस बात पर बहुत गर्व होना चाहिए कि हमने कैसा खेला। हम पूरे मैच में डटे रहे लेकिन दुर्भाग्य से नतीजा हमारे पक्ष में नहीं रहा।
भारत के 254 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम बेथेल (105 रन, 48 गेंद, सात छक्के, आठ चौके) के शतक के बावजूद सात विकेट पर 246 रन ही बना सकी। सैमसन ने इससे पहले 15 रन के स्कोर पर मिले जीवनदान का फायदा उठाते हुए 42 गेंद में सात छक्कों और आठ चौकों से 89 रन की पारी खेली जिससे भारत ने सात विकेट पर 253 रन बनाए जो टूर्नामेंट के इतिहास में नॉकआउट मुकाबलों का सर्वोच्च स्कोर है।

