जहरीले सांपों से इंसान की ज़िंदगी बचाते-बचाते खुद हार गया जिंदगी का जंग जयकुमार सहनी

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जहरीले सांपों से इंसान की ज़िंदगी बचाते-बचाते खुद हार गया जिंदगी का जंग जयकुमार सहनी

समस्तीपुर। ताजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बसही भिंडी वार्ड संख्या 3 निवासी 35 वर्षीय जय कुमार सहनी की बुधवार को एक विषैले सांप के काटने से मौत हो गई। जय कुमार सहनी पिछले पांच वर्षों से सांपों का रेस्क्यू कर इंसानों की जान बचाने का काम कर रहे थे। उन्हें सांपों की भी जिंदगी बचाने के लिए जिलेभर में ‘सांपों का मसीहा’ कहा जाता था। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा सांप पकड़ने के वीडियो काफी चर्चित रहते थे। बताया जाता है कि उन्होंने अब तक 2000 से अधिक सांपों का रेस्क्यू किया था और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा था। बुधवार को उन्हें दोपहर में पास के गांव से फोन आया, जहां एक विषैला सांप देखा गया था। जय कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू की कोशिश करने लगे। इसी दौरान सांप ने उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में काट लिया। घटना के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें सदर अस्पताल समस्तीपुर लाया गया। अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार झा ने बताया कि जब तक जय कुमार को अस्पताल लाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। विषैले सांपो की जहर पूरे शरीर में फैल चुका था और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। जय कुमार की मौत की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। लोग सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे। जय कुमार की शादी 13 साल पहले हुई थी और उनके दो छोटे बेटे हैं। परिवार में उनके अलावा एक छोटा भाई भी है, जो सेना में कार्यरत है। जय कुमार के पिता शिवलगन सहनी ने बताया कि जय को बचपन से ही जानवरों से लगाव था और उसने बिना किसी ट्रेनिंग के यह काम सीखा था। वह घंटों सांपों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के काम में लगा रहता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज होता तो उनकी जान बच सकती थी। बताया गया है कि मोरवा प्रखंड के गुनाई वसही गांव में रेस्क्यू के दौरान उन्हें सांप ने काटा था, लेकिन इलाज में देरी हो गई। ताजपुर थानाध्यक्ष सनी कुमार मौसम ने कहा कि अब तक घटना की लिखित सूचना नहीं मिली है। जैसे ही सूचना प्राप्त होगी, मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जय कुमार सहनी की मौत न केवल उनके परिवार के लिए अपूर्णीय क्षति है, बल्कि पूरे समस्तीपुर जिला के लिए एक बड़ी क्षति है। उनका जीवन दूसरों को बचाने में ही बीत गया और अंततः वही सेवा उनकी जान ले गई। समस्तीपुर जिला वासी जय कुमार के असामायिक निधन से काफी मर्माहत हैं और उनके मृत आत्मा के शान्ति हेतु ईश्वर से शान्ति प्रार्थना कर रहे हैं। परशुराम कुमार की रिपोर्ट

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