उत्तर प्रदेश निर्मित मदिरा – निर्यात का सुनहरा भविष्य मनीष अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड

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उत्तर प्रदेश निर्मित मदिरा – निर्यात का सुनहरा भविष्य मनीष अग्रवाल, प्रबंध निदेशक, सुपीरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड

उत्तर प्रदेश सरकार और आबकारी विभाग की दूरदर्शी एवं पारदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश का मदिरा उद्योग आज नए स्वर्णिम युग की दहलीज़ पर खड़ा है। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार यह उद्योग अब केवल देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी सशक्त पहचान बनाने को तत्पर है।

निवेश और रोजगार का नया अध्याय

9 जुलाई 2025 को लखनऊ में आयोजित प्रथम Excise Investors’ Summit ने इस दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया।

₹39,479 करोड़ के 135 एमओयू पर हस्ताक्षर

₹4,320 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

73,524 नए रोजगार अवसर
डॉ सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि आज माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराध-मुक्त वातावरण और उद्योग-हितैषी नीतियों ने उत्तर प्रदेश को औद्योगिक क्रांति की राह पर अग्रसर कर दिया है।

उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि

2017–18: 61 डिस्टिलरी, 170 बिलियन लीटर क्षमता

2022–23: 85 डिस्टिलरी, 348 बिलियन लीटर क्षमता (15% CAGR)

केवल एक वर्ष में 18 नई पोटेबल डिस्टिलरी स्थापित, 20 और निर्माणाधीन

निर्यात में अभूतपूर्व उछाल

2017–18: 292.78 मिलियन लीटर

2022–23: 743.53 मिलियन लीटर (155% वृद्धि)

प्रमुख ब्रांड: देशी मदिरा,शोल्डर, रसीली अंगूरी, विदेशी मदिरा स्टार गोल्ड, रॉयल एंटीक प्रीमियम व्हिस्की अन्य मशहूर उत्पाद जो – 38 देशों में निर्यात

2025–26 के लिए संभावनाएँ

निर्यात 1,000 मिलियन लीटर से अधिक

200–300 बिलियन लीटर नई क्षमता का समावेश

ENA शुल्क ₹3 से घटाकर ₹2 प्रति लीटर

यूरोप, उत्तर अमेरिका, मध्य पूर्व और अफ्रीका में नए बाजार

नीतिगत सुधार और उद्योग का उत्साह

ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन लाइसेंसिंग और सिंगल-विंडो क्लियरेंस

प्रीमियम लिकर सेगमेंट में 32% CAGR (2019–24)

कृषि, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में 5.3 लाख से अधिक रोजगार

ब्रांड “Made in UP” की वैश्विक उड़ान

APEDA और UPDA की संयुक्त पहल से 2030 तक मदिरा निर्यात को US$ 370.5 मिलियन से US$ 1 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य

50+ सक्रिय निर्यातक कंपनियों की भागीदारी

“Made in UP” को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करना

उत्तर प्रदेश निर्मित मदिरा का यह उत्कर्ष केवल व्यापारिक सफलता नहीं, बल्कि कृषि, रोजगार, निवेश और वैश्विक ब्रांडिंग का अद्वितीय संगम है। आने वाले वर्षों में यह उद्योग प्रदेश को विश्व मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के सीएचआरओ एवं कार्पोरेट अफेयर्स डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने उपरोक्त जानकारी दिया।

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