आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में नवरात्रों की भक्तिमय वेला में ब्रह्माकुमारीज बिहार-झारखंड निर्देशिका राजयोगिनी रानी दीदी का सम्मान एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया

समस्तीपुर की सविता बहन, रोसड़ा की कुंदन बहन, पटोरी की रंजना बहन, दलसिंहसराय की सोनिका बहन, पूसा की पूजा बहन, मोहिउद्दीन नगर की आशा बहन के साथ शक्ति बहन, ख़ुशबू बहन एवं सीमा बहन को भी चुनरी, मुकुट, माला, तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी गई। इस अद्भुत चैतन्य देवियों के अद्भुत स्वरूप को देखकर पूरे ज़िले से पधारे सैकड़ों भाई-बहन भाव विभोर हो गये।
अपने आशीर्वचन में रानी दीदी ने कहा- यह नवरात्रों का त्योहार नौ रत्नों का यादगार है। परमात्मा शिव ने अवतरित होकर नौ रत्नों को अपनी संपूर्ण शक्ति प्रदान कर उन्हें मायाजीत, कर्मेन्द्रियजीत, प्रकृतिजीत बनाया। इन नौ रत्नों ने शक्तियों की सिद्धि प्राप्त कर अनेक आत्माओं को शक्ति प्रदान कर उन्हें पवित्र एवं मूल्यनिष्ठ बनाया, जिस आधार से सुख-शांति-समृद्धि से सम्पन्न सतयुगी दुनिया की स्थापना हुई।
कृष्ण भाई ने दीदी सहित सभी बहनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि समस्तीपुर जिलावासी सौभाग्यशाली हैं जहाँ आज चैतन्य देवियों का पदार्पण हुआ है और उनके पवित्र स्वरूप के दर्शन कर सभी मालामाल हुए हैं। उन्होंने बताया ज़िले के दुर्गा पंडालों में भक्तों के लिए संदेश बैनर लगाया गया है। इसका संदेश है- माँ का सच्चा तब हो वंदन, जब छोड़ें नशे का बंधन। माँ दुर्गा की सच्ची वन्दना यही है कि हम अपनी बुराइयों को, कमजोरियों को माँ को अर्पित कर सच्चे आशीर्वाद के पात्र बनें।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राम गोपाल सुरेका, रमेश चांदना, सतीश चांदना, शिव कुमार अग्रवाल, कृष्ण कुमार अग्रवाल, डीके सिंह, निर्दोषजी, डॉ० दशरथ तिवारी सहित सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित थे।
परशुराम कुमार की रिपोर्ट
