हसनपुर प्रखंड के बड़गांव गांव स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में मृत्यु भोज , नशा मुक्ति अभियान व ध्वनि प्रदूषण को ले हुई ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक।

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हसनपुर प्रखंड के बड़गांव गांव स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में मृत्यु भोज , नशा मुक्ति अभियान व ध्वनि प्रदूषण को ले हुई ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक।

ब्यूरो चीफ-परशुराम कुमार

समस्तीपुर (हसनपुर):- जिले के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित बड़गांव गांव में मृत्यु भोज, नशामुक्ति अभियान व ध्वनि प्रदूषण को ले ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। गांव के शिव मंदिर के प्रांगण में आयोजित इस बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि अब गांव में मृत्युभोज के लिए किसी भी व्यक्ति पर सामाजिक दबाव नहीं दिया जाएगा । साथ ही पूरे बड़गांव पंचायत में नशा मुक्ति अभियान चलाने एवं डीजे पर पूर्णरूपेण प्रतिबंध लगाए जाने को ले युवाओं के नेतृत्व में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। वहीं ग्रामीणों की इस पहल का शिक्षक सुशांत यादव सुमित ने सराहना करते हुए इसे समाजसुधार की दिशा में लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया । उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के मद्य निषेध अभियान की सफलता के लिए सरकार के स्तर से कई तरह के जागरूकता अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है।इसके बावजूद भी हमारे समाज के युवा वर्ग नशापान का तेजी से शिकार हो रहे है।नशा मुक्ति अभियान की सफलता के लिए सामाजिक चेतना एक अहम कड़ी है और हमारे समाज के लोग जब जाग जाएंगे तो बिहार सरकार के इस अभियान को और मजबूती मिलेगी । उनका मानना है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन व प्रखंड प्रशासन के साथ साथ स्थानीय समाज के जागरूक होकर बेहतर समन्वय रखते हुए नशा जैसे सामाजिक अभिशाप को दूर करने में काफी सुविधा होगी । जब प्रखंड प्रशासन व पुलिस प्रशासन के साथ आमलोगों के द्वारा भी नशामुक्ति अभियान के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी तो निश्चित रूप से शराब के धंधेबाजों के हौसले पस्त होते नज़र आयेंगे । हमें समाज में इस बात की जानकारी साझा करनी चाहिए कि किस प्रकार नशा के सेवन से पारिवारिक , सामाजिक , और आर्थिक हानि होती है । इसके लिए हमारे युवा पीढ़ी को आगे आकर इस अभियान की सफलता के लिए विशेष पहल करना चाहिए । क्योंकि वर्तमान समय में हमारी युवा पीढ़ी सबसे अधिक इस सामाजिक अभिशाप के शिकार हो रहे है । युवाओं को यह समझना होगा कि वे राष्ट्र के भविष्य है तथा उनके ऊपर परिवार के साथ साथ समाज को भी आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी है । उन्हें नशा से होने वाले मानसिक व बौद्धिक विकास के अवरुद्ध होने की जानकारी आमजन तक पहुंचाते हुए स्वयं भी इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए । प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो जाने से दोनों ही इस अभियान की सफलता के लिए एक दूसरे को आइना दिखा सकेंगे और बिहार सरकार के मद्य निषेध अभियान को अमल में लाने के लिए पारदर्शिता भी आएगी । मौके पर बड़गांव पंचायत के मुखिया रणवीर पासवान, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि गौरीशंकर यादव, पूर्व मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष भिखरंजन यादव, पूर्व सरपंच रामसुधारी पासवान ,ग्रामीण उमाशंकर यादव,शंभूभूषण यादव,मिथलेश पोद्दार,चंद्रशेखर यादव,शशि यादव सहित अन्य गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे ।

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