सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक के द्वारा लगाई गई फर्जी रिपोर्ट

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*सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक के द्वारा लगाई गई फर्जी रिपोर्ट*

*पहले मरीज के परिजनों से लाखों रुपए का होता है सौदा*
*फिर होता है डिलीवरी का ऑपरेशन*

*अगर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार है मेहरबान तो मुर्गा और मछली काटने वाले भी चला सकते हैं प्राइवेट,अस्पताल, व पैथोलॉजी अल्ट्रासाउंड सेंटर,*

*कहानी कुछ ऐसी जिन्हें सुन करके जिनकी हकीकत जान करके जी हां आप हैरान हो ही जाएंगे*

वही हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के चर्चित
गृह जनपद गोरखपुर :के सहजनवा तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत घघसरा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ठर्रा पार
में लगातार कई महीनो से अवैध स्वास्थ्य कारोबारी के खिलाफ प्रतिष्ठित अखबारो में लगातार खबरें चलाई गई तब जाकर के कुंभकर्णी नींद से जागे थे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों के द्वारा नेशनल
अस्पताल को सील भी किया गया था वही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों पर एक बड़ा सवाल खड़ा होता है सामुदायिक स्वास्थ्य से लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित स्पर्श हॉस्पिटल के नाम से एक प्राइवेट अस्पताल संचालित हो रहा है। जिस पर कुछ ही महीना पहले एक व्यक्ति के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को पीड़ित व्यक्ति ने ऑनलाइन शिकायत कर स्पर्श अस्पताल में हो रहे काला बाजारी की पूरी पोल खोल ,खोल के रख दी, जैसे ही शिकायत पत्र की सूचना अधीक्षक साहब के कानों तक पहुंची तो उन्होंने शिकायत पत्र को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित कर मौके पर स्पर्श हॉस्पिटल की जांच की और अपनी आला अधिकारियों को अधीक्षक साहब ने रिपोर्ट भेजी उसमें साफ शब्दों में लिखा गया कि स्पर्श हॉस्पिटल के नाम का मौके पर कोई बोर्ड बैनर व हॉस्पिटल नहीं पाया गया लेकिन अस्पताल संचालित होने के बारे में रिपोर्ट में कुछ भी नहीं दर्शाया गया वही स्पर्स हॉस्पिटल आज भी उसी स्थान पर संचालित हो रहा है और वही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के जिम्मेदार मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत रिपोर्ट भेजकर मुख्यमंत्री के आदेश का खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए उच्च अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं और एक तरफ सील व डील का खेल खेल रहे हैं जबकि आज भी बिना किसी डर भय के अस्पताल मैनेजमेंट के द्वारा फर्जी तरीके से अवैध रूप से प्राइवेट स्पर्श हॉस्पिटल संचालित हो रहा है जिसका मौके पर बोर्ड बैनर भी लगा पाया गया
वहीं सूत्रों के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार छेत्र के एक बुजुर्ग व्यक्ति के द्वारा बताया गया । कुछ ही महीने पूर्व में उनकी बहू का हिपेटाइटिस बी का ऑपरेशन होना था वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रा पार पाली में ले गए थे और दो-चार घंटे के बाद जब कोई जब अस्पताल पर कोई रिजल्ट नहीं मिला उन्होंने अस्पताल की ही एक जिम्मेदार के द्वारा उन्हें सदर अस्पताल गोरखपुर न भेज कर स्पर्श हॉस्पिटल कोड़री घघसरा भेजा गया जहां पर अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा उनसे के ऑपरेशन के नाम पर लाखों रुपए की भारी रकम भी वसूले गए बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि हमने अपने खेत को गिरवी रख कर और अपने परिवार के गहने को बेच कर अपने बहु के हिपेटाइटिस बी का ऑपरेशन करा पाया और दिए हुए पैसों की जब कोई लिखित तौर पर कागजात मांगे तो डॉक्टर साहब ने साफ़ मना कर दिया
वही सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार झोलाछाप डॉक्टरों सहित अवैध तरह से संचालित होने वाली पैथोलॉजी प्राइवेट हॉस्पिटल अल्ट्रासाऊंड सेंटर डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक पे कार्रवाई की सिलसिला शुरू हो गई है लेकिन कुछ ऐसे भी प्राइवेट अवैध अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं जिन पर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का आशीर्वाद प्राप्त है।वही इस मामले पर अधिछक डाक्टर सतीश सिंह से बात करने की कोशिश किया गया तो उन्होंने फोन नही उठाय।

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